सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी Central Board of Secondary Education (CBSE) ने वर्ष 2026 में पहली बार बड़े स्तर पर डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू की। इस नई प्रक्रिया को On-Screen Marking (OSM) कहा गया। इसका उद्देश्य बोर्ड परीक्षा की कॉपियों की जांच को तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना था।
हालांकि CBSE की यह नई व्यवस्था लागू होने के बाद देशभर के हजारों छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। कई छात्रों ने दावा किया कि उन्हें अपेक्षा से काफी कम अंक मिले हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से वायरल हुआ।
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👉 Join WhatsApp ChannelCBSE डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली क्या है?
CBSE ने 2026 बोर्ड परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए डिजिटल सिस्टम लागू किया। इस प्रक्रिया में छात्रों की कॉपियों को स्कैन किया जाता है और परीक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर उत्तर जांचते हैं।
| पुरानी प्रक्रिया | नई डिजिटल प्रक्रिया |
|---|---|
| कागज पर मैन्युअल जांच | स्क्रीन पर डिजिटल जांच |
| हाथ से अंक दर्ज करना | ऑनलाइन अंक अपलोड |
| टोटलिंग में गलती की संभावना | ऑटोमेटिक टोटलिंग |
| धीमी प्रक्रिया | तेज मूल्यांकन |
CBSE Class 12 Evaluation 2026 में क्या विवाद हुआ?
2026 के रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्रों ने शिकायत की कि उनके अंक असामान्य रूप से कम आए हैं। कुछ छात्रों ने दावा किया कि वे JEE Main जैसी कठिन परीक्षा पास कर चुके हैं लेकिन CBSE बोर्ड परीक्षा में कम अंक या फेल परिणाम मिला।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter), Reddit और Instagram पर छात्रों ने डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की आलोचना की।
छात्रों की मुख्य शिकायतें
| समस्या | विवरण |
|---|---|
| कम अंक | उम्मीद से काफी कम मार्क्स मिलने की शिकायत |
| स्टेप मार्किंग का अभाव | Numerical प्रश्नों में Step-wise marks नहीं मिलने का आरोप |
| स्कैनिंग समस्या | कुछ कॉपियां धुंधली स्कैन होने की शिकायत |
| तकनीकी दिक्कतें | सॉफ्टवेयर lag और portal issues |
| मानसिक दबाव | छात्रों में तनाव और confusion बढ़ना |
शिक्षकों ने क्या कहा?
कुछ शिक्षकों ने भी माना कि नई प्रणाली में तकनीकी समस्याएं देखने को मिलीं। कई evaluators ने बताया कि लंबे समय तक स्क्रीन पर कॉपियां जांचने से आंखों पर दबाव बढ़ा।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया कि कई बार उत्तर पुस्तिका के diagrams और handwritten content स्क्रीन पर स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहे थे।
CBSE का आधिकारिक बयान
CBSE ने इन आरोपों को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की। बोर्ड के अनुसार डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली पारदर्शिता बढ़ाने और मानवीय त्रुटियों को कम करने के लिए लागू की गई है।
CBSE ने कहा कि:
- On-Screen Marking प्रक्रिया सुरक्षित और monitored है
- सभी evaluators को training दी गई थी
- Step-wise marking की व्यवस्था मौजूद थी
- छात्र re-evaluation के लिए आवेदन कर सकते हैं
पास प्रतिशत में गिरावट
2026 में CBSE Class 12 का कुल pass percentage पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ा कम दर्ज किया गया। इसके कारण भी evaluation system पर सवाल बढ़े।
| वर्ष | Pass Percentage |
|---|---|
| 2024 | 87% के आसपास |
| 2025 | 87% से अधिक |
| 2026 | लगभग 85% |
Rechecking और Re-evaluation प्रक्रिया
CBSE ने छात्रों को उत्तर पुस्तिका की scanned copy देखने और re-evaluation के लिए आवेदन करने की सुविधा दी है।
| प्रक्रिया | विवरण |
|---|---|
| Scanned Copy | छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका की कॉपी देख सकते हैं |
| Verification | Marks verification के लिए आवेदन |
| Re-evaluation | Specific questions की दोबारा जांच |
क्या डिजिटल मूल्यांकन भविष्य है?
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली और अधिक मजबूत बनाई जाएगी। इससे परीक्षा प्रक्रिया तेज और आधुनिक बन सकती है, लेकिन इसके लिए तकनीकी गुणवत्ता और evaluator training को बेहतर बनाना जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी नई प्रणाली के शुरुआती चरण में समस्याएं आना सामान्य है, लेकिन छात्रों के भविष्य को देखते हुए CBSE को सभी शिकायतों पर गंभीरता से काम करना होगा।
सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा
2026 CBSE Result के बाद सोशल मीडिया पर कई hashtags trend करने लगे:
- #CBSE
- #DigitalEvaluation
- #OSM
- #CBSEReevaluation
कई छात्रों ने YouTube और Instagram पर अपने result comparison screenshots भी साझा किए।
निष्कर्ष
CBSE की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव है। इसका उद्देश्य पारदर्शिता और तेजी लाना है, लेकिन 2026 में सामने आए विवादों ने यह दिखाया कि नई तकनीक लागू करने से पहले मजबूत परीक्षण और बेहतर तैयारी जरूरी है।
छात्रों और अभिभावकों की सबसे बड़ी मांग यही है कि मूल्यांकन पूरी तरह निष्पक्ष और सटीक हो। आने वाले वर्षों में CBSE इस प्रणाली में सुधार करता है या नहीं, यह शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होगा।
महत्वपूर्ण तथ्य
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| बोर्ड | Central Board of Secondary Education (CBSE) |
| नई प्रणाली | On-Screen Marking (OSM) |
| लागू वर्ष | 2026 |
| मुख्य विवाद | कम अंक और डिजिटल evaluation issues |
| प्रभावित कक्षाएं | मुख्य रूप से Class 12 |
| CBSE का समाधान | Re-evaluation और verification सुविधा |
